Warren Buffett business Management rule in hindi and biography.Part no.03……….

Warren Buffett business Management rule in hindi and biography…………

  1. ना केवल दिल सही व्यवसाय का चयन वॉरेन बफे ना केवल दीर्घ

कालिक निवेशक यानी लॉन्ग टर्म इन वेस्ट बेंगल की व्यवसाय प्रबंधक के रूप में भी वह अद्वितीय हैं और इन दोनों ही रूपों में बफेट की सफलता का

 मूलमंत्र रहा है सही व्यवसाय का चयन बफेट निवेशक के रूप में पेशेवर जीवन शुरू करने से भी बहुत पहले इस रहस्य की खोज कर चुके थे कि सभी व्यवसायों के अर्थशास्त्र एक समान नहीं होते लेकिन कुछ विशेष प्रकार के व्यवसाय ऐसे होते हैं जिनके अर्थशास्त्र स्वाभाविक रूप से उनके पक्ष में इतना अधिक काम करते हैं ऐसे अंतर्निहित व्यवसायिक अर्थशास्त्र इन्हें व्यवसाय को अपनी कमाई की तुलना में बहुत ही कम पूंजी

निवेश की आवश्यकता होती है इस प्रकार के व्यवसाय उत्पाद बनते हैं जिन्हें

 बदलने की आवश्यकता नहीं होती या फिर वैसे ही महत्वपूर्ण करते हैं जिनका कोई विकल्प नहीं होता एकाधिकार व्यवसाय व्यवसाय उत्पादों या सेवाओं की स्थिति में होते हैं उन्हें प्रदान करते हैं अर्थशास्त्र की खोज करते हैं क्योंकि उन्हें व्यवसाय व्यवसाय की खोज सबसे अधिक महत्वपूर्ण व्यवसाय कर ही नहीं रहा हैसही व्यवसाय का चयन कर उनमें निवेश कर औसत लाभ कमाना भर ही नहीं रहा है सही व्यवसाय का स्वामित्व भी हासिल करना चाहते हैं इतना ही नहीं वह सही व्यवसाय के काम भी करना चाहते हैं ताकि उन्हें उनकी सर्वोच्च संभावनाओं को प्राप्त करने में मदद कर सकें लेकिन वह सही व्यवसाय की सर्वोच्च संभावनाओं का दोहन कर अधिकतम लाभ ही नहीं कमाना चाहते वह सही व्यवसाय को यथासंभव अधिकतम समय तक अपने पास ही बनाए रखना भी चाहते हैं क्यों

कि वह मानते हैं कि सही व्यवसाय महानतम पेशेवर अवसर भी प्रदान करते हैं लाभ देने वाली कंपनी के अनुसार ही कंपनियां निवेश व काम करने के लिए सबसे अच्छी हो सकती है जो नौकरी की सुरक्षा की स्थिति में हो career advancement naukari ki Suraksha job security AVN dirghakalik Labh kamane ka mahantam avsar pradan kar sakne ki sthiti mein ho Varun aisi hi companiyon Ko tikau pratishat advantage pradan kar सही व्यवसाय मानते हैं क्योंकि उन कंपनियों के अंतर्निहित व्यवसायिक अर्थशास्त्र उनके पक्ष में काम करते हैं

 वास्तव में ऐसी कंपनियों के पास आधारभूत उत्पाद और सेवा

एं होती है जिनकी मांग तो हमेशा बनी रहती है लेकिन उन्हें कभी भी बहुत अधिक सुधार लें या फिर बदलने की आवश्यकता ही नहीं होती इसीलिए संबंधित कंपनियों को ना तो अनुसंधान एवं विकास मंत्री और ना ही उत्पादन डिजाइन में बदलाव होने के कारण संयंत्र उपकरणों के निर्देशन पर बड़ी धनराशि खर्च करनी पड़ती है ऐसी कंपनियों को ही रहती है इस प्रकार बचत की गई भारी धनराशि कंपनियां अपने व्यवसाय में उपयोग करते हैं और उन्हें इस काम के लिए ऊंची

 ब्याज दरों पर बैंकों से ऋण लेना पड़ता है स्वामित्व हिस्सेदारी शेर ऑफ स्टॉक भेजकर पूंजी बाजार से उगाना पड़ता है इतना ही नहीं ऐसे आधारभूत उत्पादों व सेवाओं को बेचना भी आसान होता है और वह बिना बहुत अधिक विज्ञापन हर्ष के ही उपभोक्ताओं के मस्तिष्क में अपनी व्यापारिक नाम की छवि यानी ब्रांड इमेज भी बनाए रखती है इन्हीं कारणों से ऐसे उत्पादों व सेवाओं के नियमित रूप से भारी मांग होती है जो संबंधित कंपनियों की कुल बिक्री मात्राओं वॉल्यूम के साथ उनके लाभ सीमा प्रॉफिट मार्जिन को ऊंचे स्तर पर पहुंच आती है ऐसे में इन कंपनियों के पास आंतरिक रूप से पैदा हो जाती है कि वह अपने ही अपना लगातार विस्तार कर पाने में सक्षम रहती हैं उदाहरण के रूप में कंपनियों को ही देखें ऐसी कंप

नियों को स्पर्धा में आगे रहने के लिए अपने उत्पादों की गुणवत्ता में लगातार सुधारने और उनके लिए अपने संयंत्रों के लगातार डॉलर खर्च करते रहने की आवश्यकता नहीं होती इस तरह ऐ

सी कंपनियों के पास इतना अधिक नकदी जमा हो जाती है वही भेज कर दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण करने में सक्षम रहती है aAmit Thakur


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